PM Vishwakarma Yojana Registration 2026: केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही पीएम विश्वकर्मा योजना देश के उन कारीगरों और पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए शुरू की गई है, जो अपनी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अपने काम को आगे नहीं बढ़ा पा रहे थे। इस योजना का उद्देश्य इन पारंपरिक कारीगरों को फिर से सशक्त बनाकर उनके काम को नई पहचान देना है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने इस योजना की शुरुआत 17 सितंबर 2023 को की थी। योजना को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है और इसमें ऐसे संतुलित नियम शामिल किए गए हैं, जिनसे सही पात्र लोगों तक लाभ पहुँच सके।
अगर आप भी वर्ष 2025 के अंत में पीएम विश्वकर्मा योजना में रजिस्ट्रेशन करना चाहते हैं, लेकिन आवेदन प्रक्रिया और पात्रता से जुड़ी जानकारी नहीं जानते, तो यह लेख आपके लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। यहाँ हम योजना से जुड़ी सभी जरूरी बातें सरल भाषा में समझा रहे हैं।
PM Vishwakarma Yojana Registration 2025 Overview
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| विभाग | सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) |
| योजना का नाम | पीएम विश्वकर्मा योजना |
| लाभ | टूलकिट के लिए ₹15,000 तक सहायता |
| अतिरिक्त लाभ | ₹3 लाख तक का कम-ब्याज लोन |
| आयु सीमा | न्यूनतम 18 वर्ष |
| प्रशिक्षण अवधि | 8–10 दिन |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑनलाइन |
| आधिकारिक वेबसाइट | pmvishwakarma.gov.in |
पीएम विश्वकर्मा योजना का मुख्य उद्देश्य
इस योजना का सबसे बड़ा लक्ष्य यह है कि जो लोग पीढ़ियों से पारंपरिक काम करते आ रहे हैं, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वह काम छोड़ चुके हैं या आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं — उन्हें फिर से अपने काम से जोड़ा जाए।
सरकार चाहती है कि कारीगरों को—
- आधुनिक प्रशिक्षण
- वित्तीय सहायता
- बेहतर उपकरण
- और काम बढ़ाने के अवसर
एक ही मंच पर उपलब्ध हों, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
पीएम विश्वकर्मा योजना के लिए पात्रता मानदंड
पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभ उन्हीं कारीगरों को मिलेगा जो निम्न पात्रता शर्तें पूरी करते हों—
- आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए।
- वह विश्वकर्मा समुदाय से जुड़े पारंपरिक कार्य करता हो।
- आर्थिक स्थिति कमजोर हो तथा राशन कार्डधारी होना लाभदायक है।
- आवेदक की आयु 18 वर्ष से कम होनी चाहिए।
- परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में न हो (अधिकांश मामलों में यह आवश्यक शर्त मानी जाती है)।
किन-किन कारीगरों को मिलेगा लाभ?
इस योजना के तहत 18 से ज्यादा पारंपरिक व्यवसायों को शामिल किया गया है, जैसे—
- बढ़ई
- लोहार
- सुनार
- राजगीर
- नाई
- मोची
- मिस्त्री
- हथकरघा कार्यकर्ता
- मूर्तिकार
- कुम्हार
- इत्यादि…
पीएम विश्वकर्मा योजना की प्रमुख विशेषताएँ
इस योजना के जरिए कारीगरों को कई तरह की सुविधाएँ दी जाती हैं, जैसे—
- टूलकिट सहायता के रूप में ₹15,000 तक की मदद
- काम के विस्तार के लिए ₹3 लाख तक का आसान लोन
(पहला चरण ₹1 लाख — फिर आगे ₹2 लाख) - बहुत कम ब्याज दर पर लोन
- ई-वाउचर सुविधा
- आधिकारिक सर्टिफिकेट और आईडी कार्ड
- प्रशिक्षण के दौरान ₹500 प्रतिदिन स्टाइपेंड
- स्किल अपग्रेडेशन ट्रेनिंग
इन सभी सुविधाओं का उद्देश्य यह है कि कारीगर अपने काम में आधुनिक तकनीक का उपयोग कर सकें और उनकी आय बढ़ सके।
प्रशिक्षण की व्यवस्था
योजना के अंतर्गत चुने गए लाभार्थियों को 8 से 10 दिनों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। इस दौरान—
- काम से जुड़ा तकनीकी मार्गदर्शन मिलता है
- आधुनिक तरीके सिखाए जाते हैं
- व्यवसाय बढ़ाने के उपाय बताए जाते हैं
प्रशिक्षण में शामिल होने वाले प्रत्येक व्यक्ति को ₹500 प्रतिदिन स्टाइपेंड भी दिया जाता है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ही टूलकिट और अन्य लाभ प्रदान किए जाते हैं।
पीएम विश्वकर्मा योजना 2025 में आवेदन कैसे करें?
नीचे दिए गए स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया का पालन करके आप आसानी से आवेदन कर सकते हैं—
- सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट pmvishwakarma.gov.in पर जाएँ।
- होमपेज पर मौजूद ‘New Registration’ पर क्लिक करें।
- अब अपनी बुनियादी जानकारी दर्ज करके रजिस्ट्रेशन पूरा करें।
- रजिस्ट्रेशन सफल होने के बाद लॉगिन करें।
- फिर योजना का आवेदन फॉर्म ध्यानपूर्वक भरें।
- मांगे गए जरूरी दस्तावेज़ स्कैन करके अपलोड करें।
- अंत में फॉर्म को चेक करने के बाद सबमिट कर दें।
सबमिट होते ही आपका आवेदन दर्ज हो जाता है और आपको एक Application ID मिलती है — इसे सुरक्षित रखें
