Mera Pani Meri Virasat yojana : हरियाणा सरकार ने किसानों के लिए एक नई योजना को शुरू किया है जिसका नाम मेरा पानी मेरी विरासत योजना है। इस योजना के तहत हरियाणा के डार्क जोन में शामिल क्षेत्र में धान की खेती को कम करने के लिए और धान की जगह पर अन्य विकल्पित फसलों की बुवाई के लिए किसानों को ₹7000 प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाती थी। इस योजना के तहत अभी पहले चरण में 19 ब्लॉक शामिल किए गए हैं। आईए जानते हैं क्या है इस योजना का उद्देश्य और किन-किन दस्तावेज की होगी जरूरत।
क्या है मेरा पानी मेरी विरासत योजना का उद्देश्य
हरियाणा के कुछ ब्लॉक में ज्यादातर धान की खेती की जाती है। धान की खेती में सबसे ज्यादा पानी का इस्तेमाल होता है। हरियाणा सरकार ने धान की खेती की जगह पर अन्य फसल की बुवाई पर किसानों को ₹8000 प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है। इससे हरियाणा में पानी की बचत होगी। सरकार का कहना है कि जिन ब्लॉक में पानी 35 मीटर से नीचे है वहां पंचायती जमीन पर धान की खेती की अनुमति नहीं है। सरकार ने जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए इस योजना को शुरू किया है।
सरकार ने किया योजना में कुछ बदलाव
अब इस योजना के तहत सरकार ने 7000 प्रति एकड़ की जगह 8000 प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि देने का प्रस्ताव रखा है। इतना ही नहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री ने यह भी ऐलान किया है कि जो अपनी भूमि को धान उगाने के लिए पट्टे पर देने की बजाय खाली छोड़ेंगे उन्हें भी यह प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
किन-किन दस्तावेज की होगी जरूरत
मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत आवेदन करने वाले किसानों को कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करवाने होंगे। इन जरूरी दस्तावेज में कृषि योग्य भूमि के कागजात, आधार कार्ड, पहचान पत्र, बैंक अकाउंट पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटो, मोबाइल नंबर जैसे जरूरी दस्तावेज शामिल है।
कैसे कर सकते हैं आवेदन
मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत आवेदन करने के लिए उम्मीदवार को आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। यहां होम पेज पर लोगिन से जुड़ी जानकारी दर्ज करनी होगी। यहां मोबाइल नंबर और कैप्चा कोड को दर्ज करना होगा। अब आवेदन पत्र पर क्लिक करना होगा और आवेदन पत्र को ध्यानपूर्वक पढ़कर भरना होगा। अब मांगी गई जानकारी को दर्ज करने के बाद सभी जरूरी दस्तावेज को स्कैन करके अपलोड करना होगा और सबमिट बटन पर क्लिक करके आवेदन फार्म को जमा करवाना होगा। अगर आप इस योजना के रजिस्ट्रेशन के बाद धान की जगह किसी अन्य फसल की खेती करते हैं तो आपको ₹8000 प्रति एकड़ के तौर पर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।